Vijay Puducherry Rally-पहली पुदुच्चेरी रैली में विजय ने ‘निष्पक्ष सरकार’ की प्रशंसा की, साथ ही चेतावनी दी कि DMK को 2026 में ‘अपना सबक सीखना पड़ेगा
रैली में, करूर में सितंबर की त्रासदी के बाद हुई विजय की यह पहली बड़ी सभा थी, जहाँ भीड़ को सख़्ती से नियंत्रित किया गया।

Vijay Puducherry Rally :- अभिनेता से नेता बने विजय मंगलवार को सार्वजनिक मंच पर लौटे और मंच से सीधा संदेश दिया — उन्होंने कहा कि पुदुच्चेरी की सरकार ने उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्त्री कळगम (TVK)’ के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया है, जबकि तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी ऐसा नहीं करती। उनका दावा था कि DMK “सीखेगी तो सिर्फ़ 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद ही।”
अपने विशेष रूप से बनाए गए प्रचार वाहन से विजय ने पुडुचेरी के उप्पलम ग्राउंड में सख़्ती से नियंत्रित भीड़ से कहा,
“अगर तमिलनाडु की DMK सरकार, निष्पक्ष पुदुच्चेरी सरकार से सीख ले तो अच्छा होगा। लेकिन वे अभी नहीं सीखेंगे। तमिलनाडु की जनता 2026 में उन्हें 100 प्रतिशत सीखा देगी।”
यह रैली केंद्र शासित प्रदेश में विजय का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था, और सितंबर में करूर में हुई भगदड़ के बाद उनकी पहली बड़ी सभा भी, जिसमें उनके 41 समर्थकों की मौत हो गई थी। करीब 5,000 लोगों को QR कोड के माध्यम से प्रवेश की अनुमति थी। कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया था — मेटल डिटेक्टर, स्क्रीनिंग पॉइंट्स और पुलिस से घिरे मंच की व्यवस्था की गई थी।
हालाँकि, सुरक्षा के बीच एक घटना भी हुई, जब प्रवेश बिंदु पर पुलिस ने एक व्यक्ति के पास से पिस्तौल बरामद की। उस व्यक्ति की पहचान डेविड के रूप में हुई, जिसने दावा किया कि वह पूर्व सैनिक है और TVK के एक वरिष्ठ नेता का अंगरक्षक है। पुलिस उसके हथियार का लाइसेंस सत्यापित करने के लिए उसे पूछताछ हेतु ले गई।
तमिलनाडु और केंद्र की सरकारों की आलोचना करते हुए विजय ने पुदुच्चेरी से अपने जुड़ाव का दावा भी मजबूत किया, जहाँ वह अब 2026 के विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। विजय ने रैली में कहा, “पिछले 30 साल से आप सबने मुझे प्यार दिया है। अब मैं भी पुदुच्चेरी की जनता की आवाज़ उठाऊँगा।”
उन्होंने पुदुच्चेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने को पीढ़ियों से जारी अन्याय बताया, जिसे नई दिल्ली अनदेखा करती आई है। विजय के अनुसार, विधान सभा ने वर्षों में 16 प्रस्ताव पारित किए, लेकिन केंद्र आज भी पुदुच्चेरी को पूरा राज्य नहीं मानता। उन्होंने कहा,
“भौगोलिक रूप से तमिलनाडु और पुदुच्चेरी अलग हो सकते हैं, लेकिन उन्हें अलग सिर्फ केंद्र सरकार देखती है। हम एक हैं। हम जुड़े हुए हैं।”
विजय ने शासन से जुड़े कई मुद्दों की सूची पेश की — रुका हुआ औद्योगिक विकास, आईटी पार्कों की कमी, बंद पड़ी टेक्सटाइल मिलें, पीने के पानी के खराब हालात, वित्त आयोग की योजनाओं से पुदुच्चेरी को बाहर रखना, और बीजेपी विधायक ए. जॉन कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल करने के महीनों बाद तक विभाग न देने की “अपमानजनक देरी”। उन्होंने कहा, “पूरे समुदाय को अपमान महसूस हुआ है।
DMK को अपना मुख्य निशाना बनाते हुए विजय ने कहा,
“DMK पर भरोसा मत करो। वे आपको यक़ीन दिलाने की कोशिश करेंगे, लेकिन आखिर में धोखा देंगे।”
उधर तमिलनाडु के पेरुंदुरई में पार्टी समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने बताया कि पुलिस ने TVK की आने वाली इरोड रैली के लिए 84 शर्तें लागू कर दी हैं। इन शर्तों में मौसम की तैयारी, पहचान-पत्र की जांच और ज़िलों के हिसाब से भीड़ नियंत्रण जैसे सवाल शामिल थे। सेंगोट्टैयन के अनुसार, इस तरह की सख़्त जाँच पहले कभी नहीं हुई।
रैली, जो पहले 16 दिसंबर को होनी थी, अब 18 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अनुमति फिर से नहीं मिली, तो पार्टी कोर्ट का रुख करेगी। ,Source-The Indian Express