SIR Voter Revision-यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 12.55 करोड़ वोटरों के नाम शामिल, SIR के बाद 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

हटाए गए नामों में 46.23 लाख (2.99%) मृत मतदाता थे, जबकि 2.17 करोड़ (14.06%) मतदाता स्थानांतरण के कारण सूची से बाहर हुए।

SIR Voter Revision
हाल ही में प्रयागराज में चल रहे मतदाता सूची के SIR के दौरान BLO गणना फॉर्म एकत्र करते हुए। (पीटीआई/फाइल)

SIR Voter Revision– भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। इस सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।

हालांकि, राज्य में मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का 18.70 प्रतिशत है। यह आंकड़ा देशभर में हटाए गए मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक बताया जा रहा है।

इन नामों को हटाने के पीछे मुख्य कारण मतदाताओं का मृत होना, स्थान बदलना / अनुपस्थित होना, या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण पाया जाना है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने बताया कि जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) न तो ढूंढ पाए और न ही उनसे गणना फॉर्म प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि ये मतदाता या तो अपने पुराने पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे, मतदान क्षेत्र में अनुपस्थित पाए गए, या फिर 26 दिसंबर 2025 तक आवश्यक फॉर्म जमा नहीं कर सके।

आंकड़ों के मुताबिक:

  • स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता: 2.17 करोड़ (14.06%)

  • मृत मतदाता: 46.23 लाख (2.99%)

  • एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाता: 25.57 लाख (1.65%)

रिणवा ने बताया कि ड्राफ्ट सूची में शामिल नामों में से भी 8.5 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा, “ऐसे मतदाताओं को आज से नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस में उन दस्तावेज़ों की सूची होगी, जिन्हें वे अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए जमा कर सकते हैं।

दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी तक स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद दावों के निपटारे की प्रक्रिया 26 जनवरी से 27 फरवरी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च को होगा।

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 6 जनवरी कर दिया था। इस पर टिप्पणी करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा,
“उत्तर प्रदेश में नाम हटाने की संख्या काफी अधिक थी—करीब 2.97 करोड़। इसी वजह से हमने निर्वाचन आयोग से यूपी के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था। फील्ड स्तर पर यह प्रक्रिया 26 दिसंबर को पूरी हुई।”

रिणवा ने बताया कि बढ़ाई गई समय-सीमा के दौरान मतदाता सूची में करीब 8 लाख नए नाम जोड़े जा सके।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में SIR कार्यक्रम की यह तीसरी बार समय-सारणी में बदलाव है, जब से यह प्रक्रिया पिछले साल 27 अक्टूबर को 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई थी।
पहला बदलाव 30 नवंबर को हुआ था, जब निर्वाचन आयोग ने सभी 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गणना (एन्यूमरेशन) चरण को 4 दिसंबर से 11 दिसंबर तक एक हफ्ते के लिए बढ़ाया था।

इसके बाद 11 दिसंबर को आयोग ने छह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों — जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल था — के लिए गणना की अंतिम तारीख को और आगे बढ़ाया। इनमें यूपी को सबसे ज़्यादा, यानी दो हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया गया था।

By Manoj

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