
JPSC Exam Cancellation 2026 : झारखंड में JPSC परीक्षा रद्द, छात्रों का आंदोलन जारी; CBI जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
JPSC Exam Cancellation 2026 को लेकर झारखंड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023 व 2025 की JPSC बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। हालांकि, छात्र संगठन JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
हालांकि, छात्र संगठन JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च निकालने का भी ऐलान किया है।
JPSC Exam Cancellation 2026 : JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
इस पूरे विवाद के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आश्वासन दिया कि सरकार मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्य के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं। उन्होंने बताया कि 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 तथा 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की मांग मान ली गई है।
JPSC Exam Cancellation 2026 : JSSC-CGL पर सरकार और छात्रों के बीच मतभेद
JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच को लेकर सरकार और छात्रों के बीच अभी सहमति नहीं बन पाई है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित हुई थी, इसलिए राज्य सरकार सीधे CBI जांच की सिफारिश करने की स्थिति में नहीं है।
सरकार ने इसके बजाय सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच समिति गठित करने का फैसला किया है। इसके अलावा कथित आपराधिक पहलुओं की जांच CID से कराने की बात कही गई है।
छात्र संगठनों का कहना है कि केवल जांच से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका स्पष्ट कहना है कि पहले विवादित परीक्षा रद्द होनी चाहिए और उसके बाद जांच की जानी चाहिए।
TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर भी विवाद
प्रदर्शनकारी संगठन JSSC-CGL के साथ-साथ TSR Data Processing Private Limited (TDPL) से जुड़ी परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि जिस एजेंसी से संबंधित विवाद सामने आया है, उससे जुड़ी सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
हालांकि, TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
90 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी
सरकार की चार सदस्यीय मंत्री समिति ने बताया कि परीक्षा से जुड़े गड़बड़ी के मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा। सरकार के अनुसार, मामलों में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों की एक समिति सुझाव देगी।
छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य पीयूष कुमार ने सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताया। उनका कहना है कि छात्रों की मांग स्पष्ट है—पहले परीक्षा रद्द की जाए और उसके बाद जांच की जाए।
वहीं, JLKМ के चंदन कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से बताई गई समयसीमा को लेकर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है।
इस आंदोलन में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पांच अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इनमें देवेंद्र महतो का उपवास आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है।
क्या है पूरा मामला?
JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र संगठन लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच समितियां गठित करने की घोषणा की है, लेकिन JSSC-CGL की CBI जांच और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर अभी विवाद बना हुआ है।
इसलिए 10 अगस्त को विधानसभा की ओर प्रस्तावित छात्र मार्च पर सभी की नजरें रहेंगी। फिलहाल छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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