Meerut News – मेरठ के गांव में तनाव का माहौल, दलित लड़की के अपहरण और उसकी मां की हत्या से हड़कंप
मेरठ के कपसाड़ गांव में तनाव बढ़ा, दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद हालात खराब; न्याय की मांग के बीच आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 50 वर्षीय दलित महिला की कथित हत्या और उसकी 20 वर्षीय बेटी के अपहरण की घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को इलाके में तनाव बना रहा। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने व इस अपराध में शामिल दो स्थानीय युवकों को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं, घटना के समय तक न तो आरोपी पकड़े जा सके थे और न ही अपहृत युवती का कोई सुराग लग पाया था। (Meerut News)
नेताओं ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, 48 घंटे के भीतर अपहृत युवती की सुरक्षित बरामदगी, आरोपियों के मकान को गिराने, पीड़ित परिवार को ₹50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। डीएम, डीआईजी और एसएसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से बातचीत करते रहे, लेकिन इसके बावजूद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
लंबी बातचीत के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को ₹10 लाख की तत्काल आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया और 48 घंटे के भीतर अपहृत युवती को बरामद करने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद शुक्रवार शाम तक अधिकारी मृतक महिला का अंतिम संस्कार कराने के लिए परिजनों को समझाने में लगे रहे।
हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कपसाड़ गांव के सभी आने-जाने के रास्ते सील कर दिए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक कंपनी के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मेरठ के एसएसपी विपिन ताड़ा ने बताया कि गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है और अपहृत युवती की बरामदगी व आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें दो एसपी रैंक के अधिकारियों की निगरानी में लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा, “मामले में सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आरोपी जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।”
घटना की कड़ी निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एसएसपी को जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने और अपहृत युवती को सुरक्षित बरामद करने के निर्देश दिए। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि आरोपी बच नहीं पाएंगे और भाजपा व योगी सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग मिलेगा, जिसमें आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी शामिल है।
इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फोन पर पीड़ित परिवार से बात की और ₹3 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने भी परिवार से बातचीत कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया और कहा कि कपसाड़ को ‘एक और हाथरस’ नहीं बनने दिया जाएगा।
घटना की निंदा करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने इसे “बेहद दर्दनाक, शर्मनाक और चिंता पैदा करने वाला” बताया और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांग की। पीड़ित परिवार से मिलने वालों में सरधना विधायक अतुल प्रधान, मेरठ की हस्तिनापुर सीट से पूर्व विधायक योगेश वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और बागपत के सिवालखास से विधायक गुलाम मोहम्मद भी शामिल रहे।
पुलिस के मुताबिक यह घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की है, जब सतेंद्र जाटव की पत्नी सुनीता अपनी 20 साल की बेटी के साथ खेतों की ओर जा रही थीं। इसी दौरान नवनिर्मित नहर पुल के पास स्थानीय डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करने वाला पारस सोम और सुनील सोम अपने तीन-चार अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचे और दोनों को रोक लिया।
आरोप है कि हथियार के बल पर आरोपियों ने युवती का अपहरण कर लिया। जब सुनीता ने इसका विरोध किया तो उस पर धारदार हथियार से सिर पर कई बार वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के दो भाइयों, पिता, भाभी, बहन और बहनोई को हिरासत में लिया है। हालांकि, कई जगह दबिश और पूछताछ के बावजूद पुलिस अब तक न तो आरोपियों का पता लगा सकी है और न ही अपहृत युवती का।