कपाल मोचन में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व पर श्रद्धा के साथ निकली विशाल शोभा यात्रा

कपाल मोचन में गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व पर आज भव्य शोभा यात्रा श्रद्धा और धूमधाम के साथ निकाली गई।
कपाल मोचन में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व पर आज भव्य शोभा यात्रा श्रद्धा और धूमधाम के साथ निकाली गई।

संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर आज कपाल मोचन में भव्य शोभा यात्रा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। श्री गुरु रविदास मंदिर डेरा बाबा लाल दास जी, कपाल मोचन से यह शोभा यात्रा आरंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आनंद का वातावरण बना रहा।

शोभा यात्रा के दौरान गुरु रविदास जी महाराज की पावन वाणी का गुणगान किया गया और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु “जय गुरुदेव जी और धन गुरुदेव जी” के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। सुंदर सजी झांकियां और धार्मिक ध्वज यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। दूर-दराज से आई संगत ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

इस अवसर पर गुरुजनों का आशीर्वाद लिया गया और संगत को गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। गुरु जी ने समाज को समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया, जिसे आज के दिन विशेष रूप से याद किया गया।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कपाल मोचन टीवी के माध्यम से भी किया गया, जिससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु इस पावन आयोजन से जुड़े। पूरे आयोजन के दौरान संगत की सेवा और स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी।

आज की यह भव्य शोभा यात्रा श्रद्धा, आस्था और एकता का प्रतीक बनकर कपाल मोचन की पावन भूमि पर संपन्न हुई।

माहीश, नीतू, सुभाष, सूरज, विशाल, परमजीत, सावित्री, शिमला कांता, नीलम सहित अन्य सभी साथियों और संगत ने मिल-जुलकर भाग लिया और सेवा की
गांव भीलछप्पर :- माहीश, नीतू, सुभाष, सूरज, विशाल, परमजीत, सावित्री, शिमला कांता, नीलम सहित अन्य सभी साथियों और संगत ने मिल-जुलकर भाग लिया और सेवा की

गांव भीलछप्पर के लोगों ने इस वर्ष गुरु रविदास महाराज जी का पावन नगर कीर्तन बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ निकाला। पूरे गांव में सुबह से ही भक्ति का माहौल बना हुआ था। गुरु रविदास जी की पावन वाणी और भजनों की मधुर ध्वनि के साथ नगर कीर्तन की शुरुआत की गई। संगत “जय गुरुदेव जी और धन गुरुदेव जी” के जयकारे लगाते हुए पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही थी।

यह नगर कीर्तन गांव भीलछप्पर से निकलकर पवित्र तीर्थ स्थल कपाल मोचन पहुंचा, जहां गुरु रविदास महाराज जी के गुरु घर में संगत ने माथा टेका और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन यात्रा में माहीश, नीतू, सुभाष, सूरज, विशाल, परमजीत, सावित्री, शिमला कांता, नीलम सहित अन्य सभी साथियों और संगत ने मिल-जुलकर भाग लिया और सेवा की। सभी ने एकजुट होकर प्रेम, भाईचारे और समर्पण के भाव से नगर कीर्तन को सफल बनाया।

कपाल मोचन स्थित गुरु रविदास महाराज जी के गुरु घर में गुरु जी के नाम का पवित्र पानी का प्रसार किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े विश्वास और आस्था के साथ ग्रहण किया। इस अवसर पर गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। गुरु रविदास महाराज जी ने हमेशा समाज में समानता, प्रेम और मानवता का पाठ पढ़ाया, जिसे सभी ने हृदय से अपनाने का संकल्प लिया।

आज के इस विशेष दिन पर देश के कोने-कोने से संगत अपनी-अपनी सुंदर और भव्य झांकियों के साथ नगर कीर्तन में शामिल होने पहुंचती है। सभी झांकियों को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है, जिन्हें देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो जाते हैं। यहां पहुंचने वाली सभी शोभा यात्राओं का कपाल मोचन में बड़े आदर और सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है। उन्हें प्रेमपूर्वक सत्कार दिया जाता है और उनकी सेवा की जाती है।

पूरा वातावरण भक्ति, शांति और भाईचारे से ओत-प्रोत रहता है। यह पावन नगर कीर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को एकता और सद्भाव का संदेश भी देता है। गुरु रविदास महाराज जी की कृपा से यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

इस अवसर पर सलिंदर, मनीष, रिंकू, विक्रम सहित अन्य साथियों और संगत ने मिल-जुलकर सेवा निभाई और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाया।
गांव बालोली:- इस अवसर पर सलिंदर, मनीष, रिंकू, विक्रम सहित अन्य साथियों और संगत ने मिल-जुलकर सेवा निभाई और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाया।

गांव बालोली के लोगों ने इस वर्ष गुरु रविदास महाराज जी का पावन नगर कीर्तन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाला। सुबह से ही गांव में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ था। गुरु रविदास जी की वाणी और भजनों की मधुर ध्वनि के साथ संगत ने नगर कीर्तन की शुरुआत की। सभी श्रद्धालु हाथों में निशान साहिब लेकर और “जय गुरुदेव जी और धन गुरुदेव जी” के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे।

यह नगर कीर्तन गांव बालोली से निकलकर पवित्र तीर्थ स्थल कपाल मोचन पहुंचा, जहां गुरु रविदास महाराज जी के गुरु घर में माथा टेका गया और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया गया। इस अवसर पर सलिंदर, मनीष, रिंकू, विक्रम सहित अन्य साथियों और संगत ने मिल-जुलकर सेवा निभाई और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाया। सभी ने प्रेम और भाईचारे के साथ मिलकर इस पावन यात्रा को संपन्न किया।

कपाल मोचन स्थित गुरु घर में गुरु रविदास जी महाराज के नाम का प्रसार किया गया और पावन वाणी का गुणगान हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आई संगत अपनी-अपनी सुंदर झांकियों के साथ नगर कीर्तन में शामिल हुई। रंग-बिरंगी झांकियों और सजावट ने सभी का मन मोह लिया। वहां पहुंची सभी शोभायात्राओं का भव्य स्वागत किया गया और उनका आदर-सम्मान किया गया।

पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और एकता के भाव से भरा हुआ था। इस पावन अवसर ने सभी को गुरु रविदास जी महाराज के बताए रास्ते पर चलने और समाज में प्रेम, समानता और भाईचारे का संदेश फैलाने की प्रेरणा दी।

By Manoj

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